Saturday, September 9, 2017

अंतिम दिन की अनुभूति - चन्द्रकांत देवताले




एक टीस, एक लहर.... जो अभी उठनी शुरू हुई है...और ऊंची उठती जाएगी.... यह कविता अनुप्रिया देवताले ने शेयर की है।
वीडियो परिकल्पना रुचिता तिवारी की है, सहयोग युवा कवि अमित श्रीवास्तव का।

2 comments:

  1. दिल हिल गया .. निःशब्द कविता पर उसके पाठ में गूँजती आवाज पर और शब्दचित्रांकन पर

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