Tuesday, April 19, 2011

युगलों का हिसाब किताब - अदेले ग्राफ

अपने शीर्षकों में ही अनोखी नज़र आने वाली इन कविताओं का चयन, अनुवाद और प्रस्तुति यादवेन्द्र की है।


1 +1 =1

स्त्री के पास नहीं थे मोज़े

सो उसके उठाये और पहन लिए

अब कम पड़ गए उसके मोज़े.....

तो स्त्री गयी बाजार

और खरीद लायी उसके लिए नए मोज़े।

***

1 +(1 +1 -1 )=2

नौजवान स्त्री ने

प्रेमजाल में फाँस लिया बूढी स्त्री का बरसों पुराना प्रेमी

तिरस्कृत प्रेमिका ने खुद को दिलासा दिया

हम दोनों एक समान ही हैं...

बस, मौसम बदल गए।

***


1 +1 >2


स्त्री बोली मैं तुम्हें प्यार करती हूँ

चाहे तुम बांधे रहो अपनी टाई

उसने कहा मै भी तुम्हें प्यार करता हूँ

हाँलाकि जानता हूँ

तुम्हें बिलकुल नहीं पसंद मेरी टाई।

***

कनाडा की राजधानी ओट्टावा में रहने वाली अदेले ग्राफ की अनेक कवितायेँ प्रकाशित हैं। यह कविता कनाडा की साहित्यिक पत्रिका रूम मैगजीन से साभार ली गयी है-

यादवेन्द्र

5 comments:

  1. सुन्दर ! विशेष कर दूसरा वाला

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  2. शीर्षक सचमुच अच्छे हैं...कविताओं के लिए तो कहना क्या।

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  3. अच्छी कविताएं, ताज़ी. आभार.

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  4. sunder kavitao ke liye medam adel graf ka shukariyaa aur anuwad ke liye yaadvendra jee kaa aabhar !

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  5. स्त्री मन ! अच्छी लगीं सभी ..शुक्रिया

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