Tuesday, September 9, 2008

मेरी सौवीं पोस्ट ...

ये मेरे ब्लॉग पर सौवीं पोस्ट है और मैं इस अवसर पर कुमार गन्धर्व की सम्मोहक आवाज़ और गायकी में कबीर का एक मशहूर भजन प्रस्तुत कर रहा हूँ। इन दोनों महापुरुषों को अनुनाद का सलाम।

21 comments:

  1. प्रिय भाई सबसे पहले तो सौंवी पोस्ट की बधाई.
    और कुमार जी के हँस को मन के आकाश में परवाज़
    देने के लिये हार्दिक आभार...
    शब्द का यह सफ़र रहे जारी.
    और दो सौंवी पोस्ट की करें तैयारी.

    शुभेच्छाएँ.

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  2. सौवीं पोस्ट की शत शत बधाई .

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  3. अलौकिक स्‍वर में अलौकिक प्रस्‍तुति।
    सौंवीं पोस्‍ट पर बधाई। मैं हमेशा हैरान होती हूं देखकर कि लोग कितनी लगन से ब्‍लॉगिंग करते हैं, खुद़ की का‍हिली ज़रा सी शर्मिंदगी भी होती है ऐसे में। बहुत बहुत बधाई।

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  4. सैकड़ा पूरा करने की बधाई।

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  5. सौवीं पोस्ट पूरी करने पर सभी काहिल-आलसियों की ओर से बधाई।

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  6. Congrats Anunaad jee on your century.And for giving this opportunity of an transedental experience !

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  7. Shubh kamnayen!
    yeh ek lokpriya ptrika bane !
    -----Ajey

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  8. मेरे लिए मामला सौवीं पोस्ट का नहीं है बल्कि ये है कि एक के बाद एक बेहतर चीजें मिल जाती हैं, आपके यहां। इस तरह अपरिचय होते हुए भी परिचय है आपसे। बधाई

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  9. बधाई एवं शुभकामनाऐं.

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  10. शानदार शतक के लिये बधाई। आगे के लिये शुभकामनायें।

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  11. बौफ़्फ़ाइन मेरे आलसी लल्ला! झूठ तो ना कैरिया बेते!

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  12. शानदार शतक! शत-शत बधाई मेरे भाई!

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  13. lekin ye bhajan sun nahi pa raha

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  14. ab sunayee para.... bada dard hai. shabd aspasht hain.

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